महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन हादसे! करंट और डूबने से कई लोगों की मौत, कई लापता

महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का जश्न हर साल बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। यहां का उत्सव सिर्फ राज्य ही नहीं बल्कि दुनियाभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता है। लोग अलग-अलग जिलों से इस महापर्व को देखने आते हैं और भक्तिमय वातावरण का आनंद लेते हैं। हालांकि, विसर्जन के समय सुरक्षा की कमी और भारी भीड़ के कारण कई हादसों की खबरें भी सामने आती हैं। इस साल भी विभिन्न जिलों में विसर्जन के दौरान कई दुर्घटनाएं हुईं। कहीं लोग डूबने से मारे गए, तो कहीं बिजली के करंट की चपेट में आने से श्रद्धालुओं की जान चली गई।
विरार में समुद्र में फंसे तीन लोगों की बचाव
विरार के मारंबळ पाडा जेट्टी पर विसर्जन के दौरान तीन लोग समुद्र की गहराई में फंस गए। इन लोगों में एक महिला भी शामिल थी। मौके पर मौजूद सुवर्णदुर्ग रो-रो सेवा के कर्मचारी और स्थानीय मछुआरों ने तुरंत स्पीड बोट की मदद से तीनों की जान बचाई। इस तरह का त्वरित बचाव कार्य हादसे की गंभीरता को कम करने में सहायक साबित हुआ। स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले में राहत और बचाव कार्य में तेजी दिखाई।

मुंबई में हाई टेंशन वायर का हादसा, एक की मौत
मुंबई के साकीनाका क्षेत्र में खैरानी रोड स्थित एस. जे. स्टूडियो के पास टाटा पावर की हाई टेंशन लाइन के संपर्क में आने से पांच श्रद्धालु करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे में बिनू शिवकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, चार अन्य लोगों का इलाज पैरामाउंट हॉस्पिटल और सेवन हिल्स हॉस्पिटल में जारी है। प्रशासन ने इस हादसे के बाद सुरक्षा के उपायों को और कड़ा करने की बात कही।
नांदेड और पुणे में डूबने की घटनाएं
नांदेड के गाडेगांव शिवार स्थित आसना नदी में विसर्जन के दौरान तीन लोग डूब गए। इनमें से एक को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि बालाजी उबाळे और योगेश उबाळे अब भी लापता हैं। SDRF टीम उनकी तलाश में जुटी हुई है। वहीं पुणे के चाकण क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर चार श्रद्धालुओं की पानी में डूबने से मौत हो गई। इन घटनाओं ने राज्य में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ठाणे में पांच लोग डूबे, एक का शव बरामद
ठाणे के शहापुर क्षेत्र के आसनगांव मुंडेवाड़ी स्थित भारंगी नदी के गणेश घाट पर विसर्जन के दौरान पांच लोग डूब गए। दो को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि प्रतिक मुंढे (24) का शव बरामद हुआ। दो अन्य लोग अभी भी लापता हैं और अंधेरा होने की वजह से बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
प्रशासन और रेस्क्यू टीमें अलर्ट
गणेश विसर्जन के दौरान हुई इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में और सुधार की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने कहा है कि एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और मछुआरों के सहयोग से कई लोगों की जान बचाई गई, लेकिन अभी भी कई लोग लापता हैं। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और नदी या समुद्र में भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अत्यधिक जोखिम न लें। सुरक्षित उत्सव के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीम पूरी तरह अलर्ट हैं।